उत्तर प्रदेश भारत का एक समृद्ध एवं प्रमुख राज्य है। उत्तर प्रदेश से भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं भौगोलिक वस्तुएं जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश को भारत का हृदय माना जाता है। उत्तर प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक ,ऐतिहासिक पर्यटन स्थल देखने को मिलते हैं। यहां अध्यात्म शांति देखने को मिलती है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थल अपनी अलग कहानी समेटे हुए है। प्रत्येक पर्यटन स्थल भारत में अत्यंत प्रसिद्ध है।
UP के प्रमुख पर्यटन स्थल
उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। Up कांस्टेबल परीक्षा Up tet परीक्षा आदि कई अन्य परीक्षाओं में भी उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं। निम्नलिखित उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल है जो आपको बताए गए हैं।
1. ताजमहल
स्थान: आगरा
ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ था एवं 1653 में समाप्त हुआ था। ताजमहल सफेद संगमरमर का बना हुआ है जो की मकराना से लाया गया था।ताजमहल का गुंबद बड़ा ही शानदार है वह इसके आसपास की चार मीनारें इसकी शोभा में चार चांद लगा देती है।
ताज महल सफेद संगमरमर के पत्थरों से बना हुआ है।यह उत्तर प्रदेश के इतिहास से जुड़ा हुआ है। ताजमहल प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इतिहास का मानना है कि मुगल शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के लिए प्रेम याद में निर्मित कराया था। ताज महल अपनी सुंदर नक्काशी एवं वास्तु कला के लिए अत्यंत प्रसिद्ध है।
ताजमहल केवल भारत प्रसिद्ध ही नहीं बल्कि विश्व प्रसिद्ध है। ताजमहल उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। देश विदेश से लाखों पर्यटक ताजमहल का सुंदर एवं मनमोहक दृश्य देखने आते हैं। ताजमहल आगरा के बीचो-बीच बना हुआ है।ताजमहल के पीछे से यमुना नदी बहती हुई दिखाई देती है। सूर्य अस्त होते ही ताजमहल का मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है।
ताजमहल को बनने में लगभग 22 साल का समय लगा था। माना जाता है कि ताजमहल में मुमताज एवं शाहजहां को दफनाया गया था। ताजमहल का निर्माण काफी कीमती पत्थरों से किया गया था। ताजमहल के सामने एक मनमोहक गार्डन बना हुआ है जिसका नाम चारबाग है।
Important point: ताजमहल सात अजूबों में से एक अजूबा है।
महत्वपूर्ण
ताजमहल किसकी याद में बनवाया गया था?
ताजमहल को बनने में कितना समय लगा?
ताजमहल का वास्तुकार (Architect) कौन था?
ताजमहल किस पत्थर से बना है?
ताजमहल की ऊँचाई कितनी है?
2. फतेहपुर सीकरी
स्थान: आगरा के पास
फतेहपुर सीकरी का निर्माण 1571 में किया गया था। फतेहपुर शब्द का मतलब विजय का शहर है एवं सीकरी उसके पुराने गांव का नाम था। यह जगह काफी शांत एवं रहस्यमय मानी जाती है। फतेहपुर सीकरी लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है।
फतेहपुर सीकरी का बुलंद दरवाजा 54 मीटर ऊंचा है। इतिहास का मानना है की बुलंद दरवाजा पर कुरान की आयतें लिखी है। इतिहास का मानना है कि दीवान-ए-खास में बैठकर अकबर अपनी महत्वपूर्ण संगोष्ठी किया करते थे। यह स्थान विभिन्न धर्मो की एकता को प्रदर्शित करता है।
यहां का जामा मस्जिद बुलंद दरवाजा व दीवान-ए-खास पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। फतेहपुर सिकरी घूमने कई पर्यटक काफी दूर-दूर से यहां पर आते हैं। फतेहपुर सीकरी में हिंदू एवं मुस्लिम वास्तुकला का मिश्रण है।
फतेहपुर सिकरी यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल भी है। इतिहास का मानना है कि फतेहपुर सिकरी मुगल अकबर ने बसाया था।
Important point: फतेहपुर सीकरी को अकबर ने अपनी राजनीतिक और धार्मिक विचारधारा को लागू करने के लिए बनाया था।
3. अयोध्या-राम जन्मभूमि
राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को किया गया था। राम मंदिर में भगवान के बाल रूप की मूर्ति स्थापित की गई है। राम मंदिर गुलाबी पत्थरों से निर्मित है। यह मंदिर भारत के ऐतिहासिक एवं धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है।
अयोध्या राम जन्म भूमि को उत्तर प्रदेश के धार्मिक प्रमुख स्थलों में से एक माना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री राम जी का जन्म अयोध्या में हुआ था। अयोध्या उत्तर प्रदेश में स्थित एक काफी पुराना शहर है जो अपनी धार्मिकता के लिए प्रसिद्ध है।
अयोध्या राम जन्म भूमि प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक मानी जाती है।यहां पर श्री राम जी का भाव राम मंदिर का निर्माण किया गया है। हर साल यहां रामनवमी पर लाखों लोगों द्वारा दीपदान भी किया जाता है। प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु राम जन्मभूमि में श्री राम के भव्य मंदिर के दर्शन करने आते हैं।
राम मंदिर का निर्माण होने के पश्चात लाखों पर्यटकों को यहां दर्शन करने के लिए आता हुआ देखा जाता है। राम मंदिर उत्तर प्रदेश की धार्मिक सुंदरता को दर्शाता है। अयोध्या सरयू नदी के किनारे बसा एक शहर है।
अयोध्या शहर का उल्लेख हिंदुओं के प्रमुख प्राचीन ग्रंथो जैसे रामायण में है। यहां पर बहती सरयू नदी एक पवित्र नदी मानी जाती है।लोग दूर-दूर से अयोध्या में सरयू नदी में स्नान करने आते हैं।
Important point: अयोध्या बहुत प्राचीन एवं लाखों साल पुराना शहर माना जाता है।
4. मथुरा-वृंदावन
मथुरा और वृंदावन भारत के सभी पवित्र स्थान में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मथुरा वृंदावन श्री कृष्ण की जन्म भूमि है। यह यमुना नदी के किनारे स्थित है। मथुरा और वृंदावन को मिलाकर ब्रजभूमि कहा जाता है।
मथुरा वृंदावन में अनेकों पर्यटन स्थल है जैसे श्री कृष्ण जन्मभूमि, राधा रमन मंदिर, कोकिला वन, प्रेम मंदिर व इस्कॉन टेंपल आदि। मथुरा वृंदावन में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।केवल भारत के ही नहीं आसपास के देशों से भी काफी लोग आते हैं।
ब्रज में लगभग 84 कोर् की परिक्रमा है जिसको पूरी करने अनेकों भक्त आते हैं। यहां पर होली का त्योहार सबसे प्रमुख माना जाता है।वृंदावन की होली केवल भारत में ही नहीं बल्कि देश विदेश में भी अत्यंत प्रसिद्ध मानी जाती है।बाहर के देशों के लोग भी वृंदावन की होली खेलने आते हैं।
मथुरा वृंदावन श्री कृष्ण की लीलाओं को दर्शाता है। मथुरा वृंदावन में सभी को अभिवादन राधे-राधे करके किया जाता है। मथुरा सबसे पवित्र स्थान में आता है।यह धार्मिक एवं ऐतिहासिक चीजों से जुड़ा हुआ है।मथुरा वृंदावन काफी पुराने समय से है।पुराने समय की काफी चीज आज भी वहां मौजूद है।
Important point: मथुरा वृंदावन में 5000 से भी ज्यादा मंदिर है।सबसे धार्मिक स्थान में से एक एवं श्री कृष्णा व राधा रानी की लीलाओं के लिए जाने जाना वाला मथुरा वृंदावन है।
5. वाराणसी-काशी विश्वनाथ मंदिर
वाराणसी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।काशी विश्वनाथ मंदिर आराध्या शिव जी से जुड़ा हुआ है। लाखों लोग इस तीर्थ स्थल काशी विश्वनाथ में स्नान करने आते हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास एक घाट बना हुआ है जो मणिकर्णिका का घाट के नाम से प्रसिद्ध है। इस घाट में चिताओं को अंतिम संस्कार किया जाता है।
काशी विश्वनाथ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग है। वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। यहां का परिसर और भी अच्छा बना दिया गया है जिसके कारण काशी विश्वनाथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
काशी को मोक्ष की नगरी भी कहा जाता है। वाराणसी से गंगा नदी का प्रवाह होता है। यहां पर प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर गंगा घाट पर उत्सव होता है।जिसमें शामिल होने लाखों की भीड़ एकजुट होकर आती है। यहां पर हर शाम गंगा आरती होती है जो कि यहां की एक प्रसिद्ध है।
काशी में जगह-जगह पर छोटे-छोटे शिव जी के मंदिर बने हुए हैं। काशी विश्वनाथ केवल एक मंदिर नहीं बल्कि आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। वाराणसी में काशी विश्वनाथ गलियारा परियोजना सन 2021 में शुरू हुई।
Important point: काशी विश्वनाथ को मुक्ति का द्वारा माना जाता है क्योंकि कहा जाता है मरने के बाद व्यक्ति को मोक्ष यहीं से प्राप्त होता है।
6. चित्रकूट
चित्रकूट भारत की सबसे प्रमुख नदी मंदाकिनी नदी पर बना हुआ है। यह उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है। चित्रकूट का नाम दो शब्दों चित्र और क शब्द से मिलकर बना हुआ है। धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चित्रकूट भगवान श्री राम का तपोभूमि स्थल था। चित्रकूट भगवान श्री राम के वनवास काल से जुड़ा हुआ है। चित्रकूट में शाम की आरती अत्यंत प्रसिद्ध है। यहां हर साल रामायण मेला का आयोजन किया जाता है।लाखों श्रद्धालु दूर-दूर से इस मेले को देखने आते हैं।
यहां सूर्य अस्त के बाद का दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चित्रकूट भरत मिलाप से जुड़ा हुआ है। यहां पहाड़ी पर एक हनुमान जी का सुंदर सा मंदिर स्थित है। चित्रकूट का रामघाट अत्यंत प्रसिद्ध है।
शाम के समय रामघाट पर गंगा आरती होती है। यहां पर कई लोग परिक्रमा करने भी आते हैं।परिक्रमा लगभग 5 किलोमीटर की होती है।यह धार्मिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है।
7. आगरा फोर्ट
उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित आगरा फोर्ट पर्यटन स्थलों में प्रसिद्ध है। आगरा फोर्ट एक ऐतिहासिक किला है। यह मुग़ल कालीनों का स्मारक माना जाता है। इसका निर्माण 1565 ई के आसपास हुआ था। यह पर्यटन के लिए तो काफी प्रसिद्ध है परंतु इसका आर्किटेक्चर भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
आगरा फोर्ट लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। इतिहास का मानना है कि यहां शाहजहां को कैद करके रखा था। आगरा फोर्ट को आगरा लाल किला भी कहा जाता है। यह यमुना नदी के किनारे स्थित है।
यह किला मुगल साम्राज्य की राजधानी रहा था। यहां से ताजमहल पूरा दिखाई पड़ता है। यहां दीवाने खास, मोती मस्जिद, जहांगीर महल आदि अन्य पर्यटन स्थल है। स्मारक किलो में से आगरा का आगरा फोर्ट सबसे प्रसिद्ध किला है।
यह किला इतिहास की दृष्टि से संपूर्ण शाहजहां के कैद जुड़ा हुआ है।इतिहास के लिए यह किला काफी प्रसिद्ध था व प्रचलित जमाने में भी यह किला आगरा का प्रचलित किला है। इस किले की दीवारों पर सुंदर नक्काशी की गई है।
8. सारनाथ
सारनाथ उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल है। सारनाथ वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। सारनाथ बौद्ध धर्म के लिए विशेष महत्व रखता है।सारनाथ बौद्ध धर्म से जुड़ा हुआ एक धार्मिक स्थल है।
बौद्ध धर्म का मानना है कि भगवान गौतम बुद्ध ने यहां अपना पहला उपदेश दिया था। यहां पर स्थित सारनाथ संग्रहालय भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। सारनाथ केवल भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी बौद्ध लोगों के लिए प्रचलित है।
यहीं से बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार शुरू हुआ था। यह बौद्ध धर्म का अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। सारनाथ बौद्ध धर्म के चार तीर्थ स्थान में से एक प्रमुख स्थान है। यहां भक्ति के लिए शांत वातावरण रहता है। यहां पर अनेक सुंदर प्रतिमाएं स्थित है।
9. कुशीनगर
कुशीनगर बौद्ध तीर्थ में से एक तीर्थ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौतम बुद्ध ने अपने अंतिम क्षण कुशीनगर में ही व्यतीत किए थे। गौतम बुद्ध का देहांत भी कुशीनगर में ही हुआ था। कुशीनगर में महापरिनिर्वाण मंदिर अत्यंत प्रमुख मंदिर माना जाता है।
महापरिनिर्वाण मंदिर में बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा स्थित है। कुशीनगर माल गणराज्य की राजधानी हुआ करता था। गौतम बुद्ध की मृत्यु यहां हुई थी इसी कारण यह बौद्ध तीर्थ स्थान है। यह बौद्ध धर्म के लोगों के लिए अत्यंत पवित्र एवं धार्मिक स्थान है।
केवल भारत के लोग ही नहीं बल्कि बाहर के बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी यह अत्यंत पवित्र एवं धार्मिक स्थान है। यहां अन्य पर्यटन स्थल रमभर स्तूप, निर्वाण स्तूप आदि है।
यहां हर साल बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। लाखों लोग बुद्ध पूर्णिमा के कार्यक्रम में आते हैं। यहां की वस्तुकला सभी लोगों को आकर्षित करती है। यह मंदिर बुद्ध लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
10. इलाहाबाद किला
इलाहाबाद किला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित है। यह एक भव्य और ऐतिहासिक किला है। यह किला गंगा और यमुना नदी के संगमों के पास बना हुआ है।ऐतिहासिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश का प्रमुख किला माना जाता है। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में से एक है।
इसके लिए का निर्माण मुगल सम्राट अकबर के द्वारा किया गया था। यह किला मुगल वास्तुकला का एक प्रसिद्ध मनमोहन उदाहरण है। यहीं पर एक अक्षय वट का वृक्ष है जिसे धर्म की दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है।
यह किला लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित है। इसकी मजबूत दीवारें और ऊंचे ऊंचे बुर्ज बने हुए हैं। यह किला भारत के सबसे मजबूत व ऊंचे किलों में से एक है। इतिहास का मानना है कि पहले इस किले में 99 महल और इमारतें थी जो कि अब नष्ट हो चुकी है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक धार्मिक व धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत प्रसिद्ध है। उत्तर प्रदेश में हमें हर धर्म की पर्यटन स्थल देखने का मौका मिलता है। यहां धर्म की एकता की एक अच्छी मिसाल है।