भारत की 7 बहन नदियाँ (Seven Sister Rivers)

परिचय

भारत एक प्राकृतिक देश है। भारत केवल अपने पेड़ पौधों की प्रकृति से नहीं जाना जाता बल्कि यहां प्रकृति से जुड़े अनेकों आयाम है, जैसे नदियां, झरने, उद्यान व अभ्यारण। भारत में कई नदियां पाई जाती हैं। भारत की नदियां केवल जल का स्रोत ही नहीं बल्कि भारत की प्रकृति संस्कृति एवं इतिहास का आधार भी है।

7 बहन नदियां परिचय

भारत नदियों का देश भी माना जाता है। सबसे प्रमुख नदियां यहां पर सात बहन नदियां मानी जाती है। सात बहन नदिया इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उत्तर पूर्व भारत की नदियां जो एक दूसरे से जुड़ी है उनके समूह के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सामान्य ज्ञान एवं परीक्षा की दृष्टि से सात बहन नदियां एक महत्वपूर्ण प्रकरण माने जाते हैं इसलिए हम इन सात बहनों का अध्ययन करेंगे।

1. ब्रह्मपुत्र नदी

ब्रह्मपुत्र नदी भारत की सबसे चौड़ी नदी मानी जाती है। इसकी कुल लंबाई 2900 किलोमीटर है। यह तीन देशों से होकर निकलती है। इस नदी का इतिहास भारत में सबसे खास है। ब्रह्मपुत्र नदी भारत की संस्कृति से जुड़ी हुई है। अंत में ब्रह्मपुत्र नदी बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है। यह नदी तिब्बत, भारत, बांग्लादेश से होकर निकलती है। यह उत्तर पूर्वी क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है।

Note: ब्रह्मपुत्र नदी भारत की सबसे विशाल नदियों में से एक है।

2. बराक नदी

बराक नदी मणिपुर से होकर निकलती है। इस नदी की कुल लंबाई लगभग 900 किलोमीटर है। यह नदी तीन चरणों में होकर निकलती है। पहले चरण में मणिपुर दूसरे चरण में असम व अंत में बांग्लादेश से निकलती है। अंत में यह नदी मेघना नदी में सम्मिलित हो जाती है। भारत में इस नदी का सांस्कृतिक महत्व है।

Note: बराक नदी का उत्तर पूर्वी भारत में बेहद महत्व है व यह उत्तर पूर्वी भारत की महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है।

3. सुबनसिरी नदी

सुबनसिरी नदी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों में से एक नदी मानी जाती है। यह नदी तिब्बत से होकर निकलती है। नदी की लंबाई 400 से 450 किलोमीटर है। इस नदी का जल काफी स्वच्छ और ठंडा होता है। यह नदी तीन मार्गो से होकर निकलती है।पहले अरुणाचल प्रदेश से निकलकर असम में प्रवेश करती है अंत में यह ब्रह्मपुत्र नदी में जाकर मिल जाती है।

Note: इस नदी के नाम का अर्थ सोने जैसी नदी है। इसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है।

4. लोहित नदी

लोहित नदी भारत में अपने प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यह नदी तिब्बत से होकर निकलती है। इस नदी की लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। यह तीन जगह से बहती हुई निकलती है।पहले अरुणाचल प्रदेश से दूसरा असम से एवं अंत में ब्रह्मपुत्र नदी में जाकर मिल जाती है। इस नदी का ब्रह्मपुत्र के साथ संगम बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

Note: भारत की कई परंपराएं एवं लोक कथाएं लोहित नदी से जुड़ी हुई है।

5. दिबांग नदी

दिबांग नदी उत्तर पूर्वी क्षेत्र की सबसे शक्तिशाली नदी मानी जाती है। इस नदी की कुल लंबाई 300 किलोमीटर है। यह नदी भी तीन मार्गो से होकर निकलती है। पहले अरुणाचल प्रदेश दूसरा असम एवं अंत में ब्रह्मपुत्र नदी में जाकर सम्मिलित हो जाती है। यह ऊंचे पर्वत व घाटियों से निकलकर भारत में प्रवेश करती है।

Note: यह नदी स्थानीय जनजातीय के लिए सबसे महत्वपूर्ण एवं अहम नदी है।

6. कामेंग नदी

कामेंग नदी हिमालय क्षेत्र की नदी मानी जाती है। यह तीन रास्तों से निकलती है प्रथम तिब्बत से निकलती है व अरुणाचल प्रदेश से निकलकर असम तक पहुंचती है व अंत में ब्रह्मपुत्र नदी में लीन हो जाती है। यह नदी सबसे सुंदर नदी मानी जाती है। इस नदी की लंबाई लगभग 264 किलोमीटर है।

Note: यह नदी तेज एवं उग्र धारा के साथ बहती है। यह नदी जैव विविधता के लिए भी जानी जाती है।

7. मानस नदी

मानस नदी भूटान के पहाड़ी क्षेत्रों में से होकर निकलती है।  प्रथम यह भूटान से निकलती है व असम में प्रवेश करती है और अंत में चलकर ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है। यह सबसे स्वच्छ नदी है। मानस नदी की लंबाई लगभग 400 किलोमीटर है। इस नदी की साफ और शांत जलधारा है।

Note: मानस नदी अपनी जैव विविधता और स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध है।

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