भारत के पेड़ से जुड़े 50 सवाल | Tree’s of India

भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को पूजा जाता है। यहाँ के राष्ट्रीय प्रतीक (National Symbols) न केवल हमारी पहचान हैं, बल्कि वे हमारे गहरे इतिहास और संस्कृति को भी दर्शाते हैं। इन्हीं प्रतीकों में से एक है बरगद का वृक्ष (Banyan Tree)। 1950 में भारत सरकार ने इसे ‘राष्ट्रीय वृक्ष’ के रूप में अपनाया था।

आइए, इस लेख में बरगद के पेड़ से जुड़े उन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानते हैं जो अक्सर SSC, UPSC, Railway और State GK Exams में पूछे जाते हैं।

1. वैज्ञानिक परिचय (Scientific Identity)

बरगद का पेड़ अपनी विशालता और हवा में लटकती जड़ों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

  • वैज्ञानिक नाम: Ficus benghalensis (फाइकस बेंगालेंसिस)

  • परिवार (Family): मोरेसी (Moraceae)

  • अन्य नाम: इसे ‘वट वृक्ष’ और ‘बहुपाद’ भी कहा जाता है।

2. बरगद की प्रमुख विशेषताएँ (Key Features)

बरगद के पेड़ की संरचना इसे अन्य सभी पेड़ों से अलग बनाती है:

  • हवाई जड़ें (Prop Roots): इसकी शाखाओं से जड़ें निकलकर नीचे लटकती हैं और जमीन में धंसकर नए तने का रूप ले लेती हैं। ये जड़ें पेड़ को सहारा देती हैं, जिससे पेड़ सदियों तक जीवित रहता है।

  • दीर्घायु और विस्तार: बरगद का पेड़ सैकड़ों वर्षों तक जीवित रह सकता है। यह इतना विशाल होता है कि एक अकेला पेड़ एक छोटे जंगल जैसा दिखाई देता है।

  • सदाबहार प्रकृति: यह एक सदाबहार (Evergreen) वृक्ष है, जो पूरे साल हरा-भरा रहता है और घनी छाया प्रदान करता है।

 
मुख्य तथ्य विवरण
राष्ट्रीय वृक्ष बरगद (Banyan Tree)
वैज्ञानिक नाम Ficus benghalensis
अपनाया गया वर्ष 1950
प्रसिद्ध स्थान कोलकाता, आंध्र प्रदेश
विशेषता स्तंभ मूल (Prop Roots)
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