भारत का सबसे बड़ा बांध- टिहरी बांध|(Biggest dam of india)

परिचय

बांध नदियों या नालों पर बनाए गए एक अवरोधक ढांचा होते हैं, जो पानी के प्रवाह को रोककर उसे नियंत्रित करने, और जल स्तर बढाने के लिए बनाए जाते हैं। यह जल संसाधन प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनका उपयोग कई उद्देश्यों से किया जाता है।

टिहरी बांध का‌ परिचय

भारत में कई प्रकार के बांध पाए जाते हैं, लेकिन भारत का सबसे बड़ा बांध टिहरी बांध को माना जाता है। टिहरी बांध उत्तराखंड के टिहरी जिले में भागीरथी नदी पर बना हुआ है।टिहरी बांध को बनाने का मुख्य उद्देश्य है जल संरक्षण बिजली उत्पादन इत्यादि है।

विशेषता विवरण
बांध का नाम टिहरी बांध
स्थान उत्तराखंड, भारत
नदी भागीरथी नदी
ऊंचाई लगभग 260.5 मीटर
लंबाई 575 मीटर
बांध का प्रकार मिट्टी और चट्टान से बना (Earth and Rockfill Dam)
जलाशय टिहरी जलाशय
मुख्य उपयोग जलविद्युत उत्पादन, सिंचाई और पेयजल आपूर्ति
स्थापित क्षमता 1,000 मेगावाट
निर्माण पूर्ण 2006

नोट: टिहरी बांध की ऊंचाई लगभग 260.50 मीटर होने के कारण यह भारत का सबसे बड़ा बांध माना जाता है और सबसे ऊंचा बांध माना जाता है।

उपयोग

• बिजली उत्पादन के लिए

भारत का सबसे बड़ा बांध होने के कारण टिहरी बांध से जल विद्युत उत्पन्न की जाती है, जो कि कई राज्यों को बिजली प्रदान करती है। बिजली उत्पादन के लिए टिहरी बांध एक अच्छा स्रोत है। टिहरी बांध के कारण कई राज्यों को बिजली प्राप्त होती है। टिहरी बांध से लगभग 1000 मेगावाट जल विद्युत उत्पन्न की जाती है।

• जल संरक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए

टिहरी बांध जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। टिहरी बांध में संरक्षित किये जल को सूखे के समय में उपयोग में लाया जाता है। इससे पूरे साल जल की उपलब्धता बनी रहती है। टिहरी बांध सबसे बड़ा बांध होने के कारण इसमें काफी सारा जल इकट्ठा किया जाता है।

• सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना

टिहरी बांध का अन्य उपयोग सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना भी है जो की कृषियों के लिए काफी लाभदायक साबित होता है। टिहरी बांध के कारण सूखे क्षेत्रों में भी खेती करने में आसानी होती है व‌ सूखे क्षेत्रों में भी खेती करने के लिए पानी की उपलब्धता हो जाती है।‌ टिहरी बांध लाखों हेक्टर पानी कृषियों को उपलब्ध कराता है। आज फसलों की उत्पादकता टिहरी बांध के कारण ही बढ़ रही है।

• बाढ़ नियंत्रण में उपयोगी

बांधों का मुख्य उपयोग बारिश के अतिरिक्त पानी को रोकना है इसी प्रकार टिहरी बांध का मुख्य उपयोग बाढ़ को रोकना है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा होती है। बांधों को बनाना जान माल के नुकसान को कम करता है। टिहरी बांध भारत का सबसे बड़ा बंद होने के कारण इसमें अधिक से अधिक बारिश के अतिरिक्त पानी को रोका जा सकता है जिससे किसी भी व्यक्ति को बारिश के अतिरिक्त पानी से किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।

• पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से

टिहरी बांध का उपयोग पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से भी किया जाता है। टिहरी बांध गांव और कस्बे के जल संकट को कम करता है। टिहरी बांध से कई ‌बड़े शहरों को रोजाना करोड़ों लीटर पानी भी उपलब्ध कराया जाता है। टिहरी बांध से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होता है।

नोट: टिहरी बांध से बड़ी मात्रा में जल विद्युत उत्पन्न की जाती है( लगभग 1000 मेगावाट)

टिहरी बांध का निर्माण

• टिहरी बांध का निर्माण 1976 में शुरू हुआ व 2006 तक पूरा हुआ।

टिहरी बांध का इतिहास

• यह परियोजना भारत की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में से एक रही थी।

• टिहरी बांध के निर्माण के दौरान कई प्रकार तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

टिहरी बांध के नुकसान

• विस्थापन

टिहरी बांध भारत का सबसे बड़ा बांध है जब इस  बांध का निर्माण हो रहा था तब हजारों की संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे। टिहरी बांध के कारण कई गांव जलमग्न भी हो गए थे। व लोगों को पुनर्वास करने में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।

• प्रकृति पर प्रभाव

टिहरी बांध बनने के कारण कई वन्यजीवों के आवास प्रभावित हुए। टिहरी बांध के कारण जंगल और वनस्पति नष्ट हो गए एवं भारत की जैव विविधता में भी कमी देखने को मिली।

• भूकंप का खतरा अधिक होना

टिहरी बांध के निर्माण के बाद उत्तराखंड में भूकंप आने का खतरा बढ़ने लगा। सबसे बड़ा बांध होने के कारण व सबसे बड़ा जलाशय होने के कारण प्राकृतिक घटनाएं जैसे भूकंप की चिंता रहती हैं।

• नदी के प्रवाह में बदलाव

टिहरी बांध उत्तराखंड में स्थित है एवं भागीरथी नदी पर टिहरी बांध के निर्माण के बाद भागीरथी नदी के प्रवाह में बदलाव देखने को मिला। इसके कारण भागीरथी नदी का बहाव प्रभावित हुआ। टिहरी बांध के निर्माण के बाद जल की गुणवत्ता कम होती चली गई।

• संभावित खतरा

यदि किसी भी क्षेत्र में किसी भी कारण से बंद को कोई भी नुकसान पहुंचता है तो कई क्षेत्रों में तबाही हो सकती है वह नीचे के क्षेत्र नष्ट भी हो सकते हैं।

भारत के प्रमुख बांधों से टिहरी बांध की तुलना

बांधराज्यऊंचाईनदी
टिहरी बांधउत्तराखंड260.5 मीटरभागीरथी
भाखड़ा नांगल बांधहिमाचल प्रदेश226 मीटरसतलुज
सरदार सरोवर बांधगुजरात163 मीटरनर्मदा
हीराकुंड बांधओडिशा61 मीटरमहानदी

Freequently Asked Questions

पूरे भारत में सबसे बड़ा बांध कौन सा है?
टिहरी बांध भारत का सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा बांध माना जाता है। यह उत्तराखंड में भागीरथी नदी पर स्थित है।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध कौन सा है?
दुनिया में बांधों की रैंकिंग ऊंचाई, लंबाई और जलाशय क्षमता के आधार पर अलग-अलग होती है। ऊंचाई के आधार पर कई बड़े बांध विश्व में मौजूद हैं।
भारत में सबसे लंबा बांध कौन सा है?
हीराकुंड बांध भारत का सबसे लंबा बांध है। यह ओडिशा में महानदी पर बना हुआ है।
भारत का सबसे लंबा नदी बांध कौन सा है?
महानदी पर बना हीराकुंड बांध भारत का सबसे लंबा नदी बांध माना जाता है।
भारत के 10 सबसे बड़े बांध कौन से हैं?
टिहरी, भाखड़ा नांगल, सरदार सरोवर, हीराकुंड, नागार्जुन सागर, इंदिरा सागर, कोयना, रिहंद, इडुक्की और श्रीशैलम बांध भारत के प्रमुख बड़े बांधों में शामिल हैं।
एशिया का सबसे बड़ा डैम कौन सा है?
विभिन्न मानकों के अनुसार उत्तर अलग हो सकता है, लेकिन ऊंचाई और क्षमता के आधार पर चीन के कई बांध एशिया के सबसे बड़े बांधों में गिने जाते हैं।
एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी बांध कौन सा है?
टिहरी बांध एशिया के सबसे बड़े मिट्टी और चट्टान (Earth & Rockfill) बांधों में से एक माना जाता है।
भारत के पांच सबसे बड़े बांध कौन से हैं?
टिहरी बांध, भाखड़ा नांगल बांध, सरदार सरोवर बांध, हीराकुंड बांध और नागार्जुन सागर बांध भारत के प्रमुख बड़े बांध हैं।
भारत का सबसे छोटा बांध कौन सा है?
भारत के सबसे छोटे बांध के बारे में कोई आधिकारिक राष्ट्रीय सूची उपलब्ध नहीं है, क्योंकि बांधों का वर्गीकरण अलग-अलग मानकों पर किया जाता है।
भारत में सबसे पहला बांध कौन सा था?
तमिलनाडु में कावेरी नदी पर बना कल्लनई (Grand Anicut) बांध भारत के सबसे प्राचीन बांधों में से एक है, जिसका निर्माण लगभग दूसरी शताब्दी में हुआ था।
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