चंबल नदी पर बने बांध: प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

परिचय

चंबल नदी एक महत्वपूर्ण नदी है। चंबल नदी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश से होकर निकलती है। चंबल नदी राजस्थान के कोटा की प्रमुख नदी मानी जाती है। राजस्थान में अनेकों उघान & बांध बनाए गए हैं लेकिन चंबल नदी पर बने हुए बांध राजस्थान के महत्वपूर्ण बांधों में से एक है। चंबल नदी से निकलने वाला जल साफ एवं स्वच्छ होता है। भारत सरकार द्वारा चंबल वैली परियोजना शुरू की गई थी जिसके अंतर्गत कई बांधों का निर्माण किया गया था।

चंबल नदी पर बने महत्वपूर्ण बांधों की सूची

चंबल नदी पर बने बांध

📊 चंबल नदी के बांधों का तुलनात्मक विवरण

बांध का नाम स्थान (ज़िला व राज्य) निर्माण चरण निर्माण वर्ष मुख्य उद्देश्य / विशेषता
1. गांधी सागर बांध मंदसौर, मध्य प्रदेश प्रथम चरण 1960 चंबल परियोजना का सबसे बड़ा और एकमात्र बांध जो MP में है।
2. राणा प्रताप सागर बांध रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ (राज.) द्वितीय चरण 1970 भराव क्षमता की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा बांध।
3. जवाहर सागर बांध बोराबास, कोटा-बूंदी (राज.) तृतीय चरण 1972 यह एक पिकअप बांध (Pick-up Dam) है।
4. कोटा बैराज कोटा शहर, राजस्थान प्रथम चरण 1960 इससे बिजली नहीं बनती, इसका उपयोग केवल सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए होता है।

भारत में कई सारे बांध बनाए गए हैं लेकिन राजस्थान की चंबल नदी पर स्थित बांध प्रतियोगिता परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं जिनकी सूची निम्न दी गई है।

1. गांधी सागर बांध

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में चंबल नदी पर स्थित है, जिसका निर्माण कार्य सन 1954 में प्रारंभ होकर 1960 में पूर्ण हुआ था। यह चंबल नदी घाटी परियोजना के अंतर्गत बना सबसे बड़ा बांध माना जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करने के साथ-साथ बड़े स्तर पर जल विद्युत उत्पन्न करना है; इसकी कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 115 मेगावाट है। बिजली उत्पादन के अलावा यह बांध कृषि क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित हुआ है क्योंकि इसके द्वारा बड़े पैमाने पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे क्षेत्र में कृषि और पैदावार को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है।

2. राणा प्रताप सागर बांध

स्थान: राणा प्रताप सागर बांध चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में स्थित है।

निर्माण: राणा प्रताप सागर बांध का निर्माण 1960 में शुरू हुआ व 1970 में पूरा हुआ।

विशेषताएं

• राजस्थान के महत्वपूर्ण बांधों में से एक राणा प्रताप सागर बांध माना जाता है।

• इस बांध को बनाने का मुख्य उद्देश्य जल विद्युत उत्पादन है।

• राणा प्रताप सागर बांध की जल संरक्षण क्षमता सबसे अधिक मानी जाती है।

• राणा प्रताप सागर बांध राजस्थान के सबसे बड़े बांधों में से एक है।

• यह बांध आसपास के क्षेत्र को जल उपलब्ध भी करता है।

• राणा प्रताप सागर बांध गांधी सागर बांध के नीचे की ओर बना है।

मुख्य बिंदु: राणा प्रताप सागर बांध की जल विद्युत उत्पन्न क्षमता 172 मेगावाट है।

3. जवाहर सागर बांध

स्थान: जवाहर सागर बांध कोटा के पास स्थित है।

निर्माण: इस बांध का निर्माण 1965 में शुरू हुआ व 1972 में पूरा हुआ।

विशेषताएं

• जवाहर सागर बांध को बनाने का मुख्य उद्देश्य जल विद्युत उत्पन्न करना है।

• बिजली बनाने के लिए जवाहर सागर बांध का उपयोग किया जाता है।

• जवाहर सागर बांध चाहे आकर में छोटा है लेकिन यह राजस्थान के महत्वपूर्ण बांध में से एक है।

• इस बांध का निर्माण चंबल घाटी परियोजना के अंतर्गत किया गया था।

• जल को संरक्षित कर विद्युत उत्पादन करना इस बांध का उद्देश्य है।

मुख्य बिंदु: इस बांध की विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 99 मेगावाट है।

4. कोटा बैराज बांध

स्थान: कोटा बैराज बांध राजस्थान के कोटा जिले में स्थित है।

निर्माण: इस बांध का निर्माण 1953 में प्रारंभ हुआ व 1960 में पूरा हुआ।

विशेषताएं

• कोटा बैराज बांध का मुख्य उद्देश्य अन्य बांधों की तरह विद्युत उत्पादन नहीं बल्कि सिंचाई है।

• कोटा बैराज को नहरों से जोड़कर इसका जल खेतों में पहुंचाया जाता है।

• यह बैराज बांध कृषकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण बांध है।

• कोटा बैराज बांध में कृषकों को खेती में बढ़ावा दिया है।

• कोटा बैराज बांध राजस्थान के प्रमुख बांधों में से एक है।

• इस बांध में अधिक से अधिक जल संरक्षित करके कृषियों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

मुख्य बिंदु: कोटा बैराज बांध का मुख्य उद्देश्य शुष्क क्षेत्र में कृषि संभव करना है।

याद रखने की महत्वपूर्ण ट्रिक👇

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण यहां आपको इन बांधो को याद रखने की एक छोटी सी ट्रिक दी गई है:

G, R, J, K👇

G: Gandhi sagar dam ( गांधी सागर बांध)

R: Rana pratap sagar dam ( राणा प्रताप सागर बांध)

J: Jawahar sagar dam ( जवाहर सागर बांध)

K: Kota barrage dam ( कोटा बैराज बांध)

निष्कर्ष

चंबल नदी पर स्थित यह सभी बांध आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए है। अधिकतर बांधो का मुख्य उद्देश्य जल विद्युत उत्पादन करना ही है व अन्य बांधों का उद्देश्य सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराना है। बांध चाहे छोटा हो या बड़े लेकिन जल संरक्षण, विद्युत उत्पादन, जल उपलब्ध करवाना, बाढ़ को रोकना, बारिश के अतिरिक्त पानी को रोकना आदि सभी में सहायक होते हैं।

Scroll to Top
Home Current Affairs Quiz
About Us Contact Us Disclaimer Privacy Policy