भारत के प्रमुख त्योहार और मेले MCQ | Festivals and Fairs of India | Hindi

भारत ‘विविधता में एकता’ का देश है, जहाँ हर राज्य की अपनी अनूठी परंपराएँ और उत्सव हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, UPSC, State GK) में अक्सर इन त्योहारों के राज्यों, उनके पीछे की कहानियों और उनसे जुड़ी जनजातियों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस लेख में हम भारत के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक के मुख्य मेलों और त्योहारों का विवरण जानेंगे।

1. उत्तर भारत के प्रमुख त्योहार (North India)

उत्तर भारत के त्योहार मुख्य रूप से कृषि और ऋतु परिवर्तन से जुड़े हैं:

  • लद्दाख का लोसार (Losar): यह तिब्बती नव वर्ष का प्रतीक है, जिसे लद्दाख के बौद्ध समुदाय द्वारा बड़े उत्साह से मनाया जाता है।

  • कुंभ मेला (Kumbh Mela): यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जो प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में हर 12 वर्ष में आयोजित होता है।

  • होली (बरसाना): उत्तर प्रदेश के बरसाना में ‘लट्ठा मार होली’ विश्व प्रसिद्ध है।

2. दक्षिण भारत के उत्सव (South India)

दक्षिण भारत के त्योहार अपनी भव्यता और पारंपरिक कलाओं के लिए जाने जाते हैं:

  • ओणम (Onam): यह केरल का फसल उत्सव है। इसमें ‘पूकलम’ (फूलों की रंगोली) और ‘वल्लमकली’ (नौका दौड़) मुख्य आकर्षण होते हैं।

  • पोंगल (Pongal): तमिलनाडु का यह चार दिवसीय त्योहार सूर्य देव को समर्पित है। इसी दौरान जल्लीकट्टू (सांडों को वश में करने का खेल) आयोजित होता है।

  • बतुकम्मा (Bathukamma): यह तेलंगाना का फूलों का त्योहार है, जिसे केवल महिलाएं मनाती हैं।

3. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत (East & North-East India)

यहाँ के त्योहार प्रकृति और स्थानीय जनजातियों की संस्कृति को दर्शाते हैं:

  • बिहू (Bihu): असम का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार। यह साल में तीन बार मनाया जाता है (रोंगाली, कोंगाली और भोगाली बिहू)।

  • होर्नबिल महोत्सव (Nagaland): इसे ‘त्योहारों का त्योहार’ कहा जाता है। यह नागालैंड की सभी जनजातियों की संस्कृति को एक मंच पर लाता है।

  • अंबुबाची मेला (Assam): गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में लगने वाला यह मेला पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।

  • छठ पूजा (Bihar): यह सूर्य देव और षष्ठी मैया को समर्पित महापर्व है, जो सादगी और शुद्धता का प्रतीक है।

4. पश्चिम भारत के पर्व (West India)

  • गणेश चतुर्थी (Maharashtra): लोकमान्य तिलक ने इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया था। आज यह महाराष्ट्र की पहचान बन चुका है।

  • पुष्कर मेला (Rajasthan): अजमेर के पास लगने वाला यह मेला ऊँटों के व्यापार और ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के लिए प्रसिद्ध है।

  • रण उत्सव (Gujarat): कच्छ के सफेद रेगिस्तान में मनाया जाने वाला यह उत्सव पर्यटन का मुख्य केंद्र है।

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